10 Habits to Boost Confidence in 7 Days!

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Key Points:

  • आत्म-विश्वास बढ़ाने के लिए 10 व्यावहारिक सुझाव साझा किए गए हैं।
  • तुलना करने से बचें, यह खुशी की चोरी करता है।
  • अपने डर का सामना करने से आत्म-विश्वास में वृद्धि होती है।
  • सकारात्मक आत्म-प्रेरणा आप के मस्तिष्क को मजबूत बनाती है।
  • अपने लक्ष्यों को प्राथमिकता दें और सीमाएं निर्धारित करें।
  • सही शारीरिक मुद्रा बनाए रखें, यह जीवन के हर पहलू में मदद करती है।

इस विडेो में हम आपके साथ अपने 10 प्रक्टिकल एं मोस्ट पार्फल टिप्स शेर करने वाले हैं जो आपके स्ल्फ खन्ट्टऊन्स को आज्जी से 100 % बूस्त कर देगा।

कियुकि रेसेंट लि हम अपने एक कजन अमन से मिले, तिसने हमारे साथ अपनी एह लो सेल्फ कुन्फडन्स वाली प्रब्रूँ शेर करी।

जो कि हमेश फिशे ही समार्ट और अंटलीजन्द था, पर उसको खए दोस नहीं था।

क्योंकि वो अपने अपको लेकर बहुति इन्सी क्यों रहाता था। वो लोगो से बात तो करना चाता था, पर उसे दर्थ था कि कहीं उसने कुछ उल्टा सीधा बोल दिया, तो लोग उसका मज़ाक उड़ाएंगे, या उसे समझ नहीं पाएंगे।

उसे अपनी हर छोटी मोटी बात पर डाॉट होता था, जैसे उसे कोई कुछ कह देता था, वो दिनभर उसी बात के बारे में सोचता रहता था, कि उसने मुझसे ऐसा क्यों कहा? क्या मैं सच में ऐसा हूँ?

धीरे-धीरे उसे ऐसा लगने लगा कि उसके आस-पास के सब लोग उससे आगे निकलते जा रहे हैं, और वो कुछ नहीं कर पा रहा।

वो लगातार कुछ को दूसरों से कमपेर करता था, कि उसके फ्रेंट्स, उसके कितने जाड़ा स्मार्ट हैं, और उसके कजन्स लाइफ में कितना अच्छा कर रहे हैं।

जैसे-जैसे टाइम बीतता गया, और उसकी लाइफ में कुछ रह गया, तो वो सिर्फ सल्फटाउट, फ्रीर, और अंचाइटी में जूझता रहा।

और ये कहने सिर्फ आमन की ही नहीं, बल्कि हम में से ऐसे न जाने कितने लोग हैं, जो इसी समस्या से श्डगल कर रहे हैं।

अब हम आपके साथ अपनी वो तान मोस्ट पार्फल टिप शेर करने वाले हैं, जो हमने आमन को बताई।

सबसे पहले टिप थी: "कमपरेजन इस दा थीफ अफ जोई"।

सोशल मीडिया पर आप हमेशा दूसरों के बेस्ट मोमेंट्स देखते हैं: फैंसी कार्स, एक्सोटिक क्रियेट्स, वॉफैक बॉडीज।

लेकिन सच यह है कि वो लोग भी अपने स्टगल से गुजरते हैं।

आपकी लोग अपनी डेस्टिनेशन तक पहुँच चुके हैं, आप भी एक दिन वहाँ पहुँचेंगे।

जब भी आप किसी को देखें जो आपसे अच्छा हैं, आपसे बेहतर हैं, तो उसे देखकर खुद को खुन्ट्रिटन्स मत गिराइए।

इससे न सिर्फ आपको निराशा होती है, बल्कि आप अपनी क्षमता को भी सीमित कर लेते हैं।

याद रखें, लोग कहाँ से कहाँ पहुँच गए हैं, और आप भी वही हैं, लेकिन उनसे बेहतर इंस्पायर होने की कोशिश करें।

अगर वो कर सकते हैं, तो मैं भी इसी तरह मेहनत करूंगा, तो मैं भी कर सकता हूँ।

जब जब आप अपने आप को दूसरों से कमपेर करोगे, तब तब आप अपना खुन्ट्रिटन्स खोएंगे।

नंबर बाद: फेस योर फीर्स

अपनी जिंदगी के जितने ज़्यादा डर को फेस करेंगे, आत्म-विश्वास उतना ही ज्यादा बढ़ता जाएगा।

पर आप डरते आखिर किस चीज़ से हैं?

जब आप ज्यादा से ज्यादा रिजेक्ट होंगे, तो फिर डर से डरना क्यों है?

याद रखें, ये आपका डर ही है, जो आपको लाइफ में ग्रोत लगाता है।

जब तक आप अपने डर को फेस नहीं करोगे, रिजेक्शंस लेना नहीं सीखोगे, ये स्टेप आपके कोंट्रिएंस को बनाते समय मदद करेगा।

आपने नोटिस किया होगा, जब भी कोई नया-नया जिम जाने लगता है न, तो वो हर दिन अपने जिम की सनब बैजने लगता है।

ये स्टोरीज लगाने लगता है, जिससे आपका निवेशन कम हो जाता है, और काम पूरा नहीं होता।

जब आप रिजल्ट नहीं दे पाते, आपको लगता है लोग जज करेंगे, और ये कुन्फिडन्स को कम करता है।

अपनी प्रोग्रेस और प्लान्स को छुपाकर रखो।

क्या कर रहे हो? क्यों कर रहे हो? प्राइवेटली बस करते जाओ।

काम करते हुए उसका दिंडूरा मत पीटो।

क्योंकि उस काम का जब रिजल्ट आएगा, तो वो ऑटोमैटिकली सबको पता चल जाएगा।

आपने नोटिस किया होगा, जब आप अपने आप से नेगेटिव बातें करते हो, तो आपका कुन्फिडन्स कम हो जाता है।

जैसे कि "मैं ये नहीं कर सकता", "मुझे कोई नहीं समझता", या "मैं सब से बेकार हूँ", ये सब नेगेटिव सर्व्टोक आपके मस्तिष्क को कमजोर करते हैं और आपके सेल्फ अस्टीम को गिराते हैं।

रीसर्च कहती है कि पोजिटिव अफमेशन से ब्रेन में, नूरर पाथ्विस स्ट्रॉंग होते हैं।

ये आदत आपको मेंटली स्ट्रॉंग बनाती है, और आपके थॉट्स को पॉजिटिव दिशा देती है।

जब भी आप किसी चीज़ को लेकर स्ट्रेस या अंख्ष्यस हों, और सोच रहे हों, "मुझे कहीं खराब न कर दूं", अपने बाट में बनाइए ये सोचें कि मैं इस में अपना बेस्ट कैसे दे सकता हूँ।

अगर मैं जीत गया तो क्या होगा? चलो अगर मैं बाचाग बन भी गया तो खुदीवन्ष दूंगा।

इनसे कोई खास वोच रिएँ या कोई खुदेंस या कोई स्पेशल परफ्यूम, इससे आपका खुदेंस बढ़ता है।

इसी तरह आपने खुदेंस बूस्ट चीज़ों को ढूंढने की कोशिश करें।

अपने नीट्स और गोल्स को प्राथमिकता देना ज़रूरी है।

बहुत बार हम दूसरों की अप्स्पेक्टेशंस को पूरा करने में अपने नीट्स को नज़रअंदाज़ कर देते हैं।

जब आप अपने आपको याम को प्रायोरिटी बनाते हैं, तो आप अपने जरूरतों पर ध्यान देते हैं।

हर सिटुएशन में अपने प्रायोटी को समझो और उसके हिसाब से डिसीज़न लो।

अगर आप कमफटेबल नहीं हो, तो नो बोलने से पहले थोड़ा सोच लो।

ये प्रैक्टिस से आएगी और आप नैचुरली नो बोलना सीख जाओगे।

नंबर सेवन: विश्टन्डब श्ट्रेट विद योर शुल्डर्स बैक

क्या आपको जॉर्डन पीटरसन की बुक 12 रूल्स फॉर लाइफ का सबसे पहला रूल पता है?

जो है, "विश्टन्डब श्ट्रेट विद योर शुल्डर्स बैक"।

इसका मतलब सिर्फ फिजिकल पोष्ट्चर ठीक करना नहीं है।

बल्कि लाइफ के हर पहलू में जीना है।

अगर आप ईस्टर्नट हो, तो थोड़ी बहुत साडिन्कम देखो।

ताकि आपको फिनेंशियली अपने पैर्टन्ट्स पर निर्भर नहीं रहना पड़े।

फिनेंशियल और रेस्पॉन्सिबिलिटी आपको सेल्फ रिलाइंट बनाता है।

अपनी नॉलेज को इस्क्पैन करो।

जितना आप नया सीखोगे आपका खुद पर उतना ही कुन्फिडन्स बढ़ेगा।

नंबर टेन: क्रिएट योर ओन कस्टम प्लेलिस्ट

यहाँ रोबने आजना दकता है।

आपको यह अवसर मिल सकता है।

आखिरकार यह आपकी मदद कर सकता है।

आप कमेंट करके भी बता सकते हैं, कोई सुझाव जो बाकी लोग भी सुन सकें और उन्हें मदद मिले।

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