2025 का कर्क राशि राशिफल: उज्ज्वल भविष्य की भविष्यवाणी और सावधानियाँ

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文章要点:

  • 新年2025将为巨蟹座带来意想不到的变化,预示着好的同时也会有挑战。
  • 3月29日之后,土星的迁移将结束你过去两年的困扰。
  • 通过对宗教和精神生活的重视,抓住机遇将获得好运。
  • 注意健康问题,特别是与父亲有关的健康状况。
  • 2025年和2026年将是过渡期,需警惕经济和社会问题。

जय सियाराम मैं आचार्य राजेश श्री राम जन्मभूमि अयोध्या से प्रिय दर्शकों प्रस्तुत हूं आप सबके समक्ष नए वर्ष 2025 का संपूर्ण राशिफल लेकर के। य वार्षिक राशिफल है। पूरे 12 महीने का हाल जानेंगे। इसमें क्या राशिफल रहने वाला है, पूरी भविष्यवाणी इसमें जानेंगे।

कर्क राशि के जातकों के लिए थंबनेल में आपने देखा होगा लिखा है "वह होगा जो आपने सोचा ना होगा" और सच में विश्वास मानिए कि 2025 में वह होने जा रहा है जो आपने सपने में भी नहीं सोचा होगा। और यह घटना सकारात्मक भी होगी, अच्छी भी होगी। तो वही नकारात्मक भी होगी, अर्थात बुरी भी होने वाली है। वीडियो को पूरा देखिएगा और हो सके तो चीजों को नोट करते चलिए। या दोबारा सुन कर के दिमाग में बिठा लीजिएगा।

यह वीडियो आपके चंद्रास पर आधारित है। जैसा कि मैं प्रायः बताता रहता हूं, आप अपनी लग्न कुंडली में देखिए। चंद्रमा यदि आपके चार नंबर पर बैठा है तो आपकी कर्क राशि है। यदि आपको अपनी चंद्र राशि नहीं पता तो अपने प्रचलित नाम के आधार पर भी इस वीडियो को देखकर लाभ उठा सकते हैं।

अगर प्रारंभ के मार्च 29 मार्च तक के कालखंड को देखें तो आपके लिए अच्छा समय है। ढैया चल रही है। 29 मार्च तक ढैया चल रही है, चलती रहेगी। लाभ की स्थिति बनी हुई है। जमीन जायदाद, घर, परिवार सबका लाभ होता हुआ आपको दिखता हुआ दिख रहा है। लाभ की स्थिति कंटीन्यूअस है, धनाजी सब होता हुआ दिख रहा है।

लेकिन शनि के कारण मानसिक चिंताएं बढ़ी हुई हैं, क्योंकि आपकी ढैया चल रही है। मानसिक दबाव, और वह चाहे वह पारिवारिक दबाव हो, पारिवारिक चिंता हो, संतान की चिंता हो, धन की चिंता हो, कार्यक्षेत्र की चिंता हो। चिंताएं किसी ना किसी रूप में आपके इर्दगिर्द मनरा रही थी।

लेकिन 29 मार्च 2025 का वो दिन अंतरिक्ष में बहुत बड़ी घटना घटने जा रही है, जब शनिदेव 30 वर्ष बाद अपने कुंभ राशि को छोड़ कर के मीन राशि में प्रवेश करेंगे। मीन राशि में शनिदेव 30 वर्ष बाद आएंगे और आपके लिए मीन राशि नौवां घर है, नौवी राशि है, अर्थात आपके भाग्य स्थान पर प्रवेश करेंगे।

29 मार्च को ही आपके ऊपर पिछले ढाई वर्ष से चल रही अर्थात 17 जनवरी 2023 से चल रही ढैया समाप्त हो जाएगी। गहरी राहत आपको प्राप्त होने वाली है। परेशानियों से मुक्त होने जा रही है जो शनि जन्य परेशानियां थी, स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां थी, वह सब समाप्त होने वाली है।

29 मार्च से अब शनि चूंकि भाग्य स्थान पर आपके आ जाएंगे और भाग्य स्थान पर मीन राश पर बैठ कर के शनिदेव गुरु की राशि पर विराजमान होंगे, तो आपको धर्म अध्यात्म से जोड़ेगा। और साथ ही आपके जीवन साथी के जीवन में कुछ बेहतर होने वाला है।

उनको करियर का लाभ हो सकता है, जीवन साथी की तरफ से लाभ आपको होता हुआ दिख रहा है। भाग्य आपका साथ देना शुरू करेगा। भाग्य का भी लाभ होगा, लेकिन ध्यान रहे अष्टम के स्वामी, जब नवम जाकर के बैठते हैं, पिता के स्वास्थ्य में समस्या पैदा कर देते हैं।

अब चूंकि 29 मार्च से लेकर के 18 मई तक शनि और राहु साथ-साथ आपके नवम पर रहेंगे, पिता के स्वास्थ्य में गंभीर समस्या ला सकते। इसलिए बहुत सावधान रहना है पिताजी के स्वास्थ्य को लेकर। धर्म अध्यात्म से संबंधित चीजों से जुड़े रहना है। उससे अलग नहीं होना है।

अगर 29 मार्च से 18 मई के बीच में हो सकता है, जैसे ही राहु यहां से हट कर के आपके अष्टम स्थान पर आएंगे, तो ये समस्या खत्म हो जाएंगी। ढैया तो समाप्त हो जाएगी। आपको 29 मार्च को ही।

उसके बाद शनि की दृष्टि नवम से बैठ कर के एकादश स्थान पर पड़ेगी। एकादश स्थान उपचय स्थान है, शनि का प्रिय स्थान है। लाभ बढ़ने वाला है आपका। लाभ बढ़ने वाला है प्रमोशन होने वाला है।

इन ढाई वर्षों में क्योंकि यहां पर ढाई वर्ष तक शनिदेव रहने वाले हैं। और ढाई वर्ष में आपका प्रमोशन होगा। धन के मार्ग बढ़ने वाले हैं। धन आगमन एक से अधिक मार्ग से होने वाला है। क्योंकि शनि जब देखेंगे तो धन भाव पर जब देखते एकादश भाव पर, तो वह लाभकारी हो जाता है।

शनि देव की तीसरी दृष्टि लाभ बढ़ाएगी, एकादश पर पड़ेगी, लेकिन वो लाभ नैतिकता के थ्रू आना चाहिए। अच्छे मार्ग से आना चाहिए। मेहनत से आना चाहिए। अपने परिश्रम से ईमानदारी से आना चाहिए।

आप ऐसा ना करिएगा कि गलत तरीकों से धन आगमन आप अपने कमाने लगेंगे, तो शनि तुरंत ही आपको दंडित कर देंगे।

कर्क राशि के जातकों को शनिदेव की जो सातवी दृष्टि है, आपके पराक्रम पुरुषार्थ पर पड़ेगी। पराक्रम पुरुषार्थ आपका बढ़ेगा। यह स्थान भी तृतीय स्थान भी कुंडली का शनिदेव के लिए बहुत प्यारा है। उपचय स्थान है।

भाई बहनों के जीवन में कुछ उन्नति कराएंगे। उनके करियर में कुछ उन्नति कराएंगे। यदि नौकरी कर रहे हैं, तो नौकरी में कुछ बड़ा परिवर्तन हो सकता है। लाभकारी परिवर्तन होगा।

अब आते हैं शनि की दसवीं दृष्टि आपके छठे स्थान पर पड़ेगी। कितना खूबसूरत गोचर है शनि का यहां पर। शनि की तीनों दृष्टियां अपने उपचय स्थान पर पड़ेगी। गंभीर दृष्टि है शनि की कर्क राशि के जातकों के लिए।

तीनों स्थान शनि देव को बहुत प्रिय हैं, तो यहां पे बहुत अच्छा परिणाम देंगे। आपका ऋण समाप्त होगा। कोई ऋण ले रखा था आपने, वो समाप्त होगा। कोर्ट कचहरी के मुकदमे थे, जिसमें परेशान थे, उससे मुक्ति मिल जाएगी।

आपको आपके शत्रुओं से मुक्ति मिलेगी। शत्रुओं पर हावी हो जाएंगे। नौकरी के क्षेत्र में कोई समस्या थी, वो समाप्त हो जाएगी। नौकरी नहीं थी, तो नौकरी दिलाने जा रहे हैं।

29 मार्च के बाद शनिदेव बहुत खूबसूरत आपके लिए परिवर्तन होने जा रहा है। शनिदेव का 29 मार्च को अब दूसरा परिवर्तन जो होने जा रहा है, वो देव गुरु बृहस्पति का है।

देव गुरु बृहस्पति आपके एकादश स्थान पर गोचर कर रहे हैं। और पिछले वर्ष से आपको लाभ की स्थिति में हैं। लाभ की स्थिति दे रहे हैं। बड़ी-बड़ी अच्छी घटनाएं भी होती है। परेशानियों के साथ तमाम अच्छी घटनाएं भी आपकी हुई हैं।

आय के मार्ग निरंतर आय की स्थिरता बनी रही। आय बढ़ता रहा तो आपके बड़े-बड़े काम भी होते रहे। हां, खर्चे तो होते रहे लेकिन बड़े-बड़े काम आपकी जो बड़ी जिम्मेदारियां थी वो भी पूरी होती रही।

कर्क राशि के जातकों के लिए अब देव गुरु बृहस्पति आपके एकादश स्थान को छोड़ कर के आपके द्वादश स्थान पर जाएंगे। और देव गुरु बृहस्पति आपके छठे स्थान के स्वामी हैं और भाग्य स्थान के भी स्वामी हैं।

अब भाग्य स्थान का स्वामी जब द्वादश चला जाता, देव गुरु बृहस्पति का द्वादश जाना मैटेरियलिस्टिक लाइफ के लिए अच्छा नहीं माना जाता। सांसारिक जीवन के लिए अच्छा नहीं माना जाता।

क्योंकि यहां पर जाकर के नवम भंग हो जाएगा और क्योंकि छठे के स्वामी हैं, तो विपरीत राजयोग भी बन जाएगा। दोनों परिणाम हो जाएगा।

जैसे ही नवम भंग होते ही, क्या होगा पिता के स्वास्थ्य में समस्या आ जाएगी। लेकिन वही यदि आप क्योंकि धर्म का भाव है, धर्म का भाव य दान के भाव पे डोनेशंस के भाव पे मेडिटेशंस के भाव पे बैठ गए देव गुरु बृहस्पति।

अर्थात भगवान महाविष्णु का ध्यान आपके लिए बहुत आवश्यक है। अपने गुरु यदि आपने गुरु कर रखा है तो बहुत अच्छा है। गुरु की बातों का ध्यान रखें। गुरु का ध्यान करें। गुरु मंत्र का जप करें।

यदि आपने गुरु मंत्र नहीं लिया है तो गायत्री मंत्र गुरु मंत्र है। गायत्री मंत्र का जप करें। इससे आपकी बहुत रक्षा होगी। बहुत लाभ करेगा।

जो खराब योग बनता हुआ दिख रहा है इससे आप बच जाएंगे। खर्चे आपके बढ़ जाएंगे। अत्यधिक खर्चे बढ़ जाएंगे। अब अत्यधिक खर्चों को बचाने का उपाय फ्री विल।

फ्री विल क्या है? दान का भाव है। खर्चे तो आपके होंगे यदि आप दान पर खर्च कर देंगे तो मेडिकल्स पर कुछ खर्चे होते हुए दिख रहे हैं।

क्योंकि आपको रोग से मुक्ति दिलाएंगे। इसलिए आपकी मेडिकल पर खर्चे होंगे तभी तो रोग से मुक्ति मिलेगी। कुछ ऐसे लोगों पर खर्च करें जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं, इलाज नहीं करा सकते हैं।

भीतर सहयोग कर सकते हैं। स्वंय भी करें और लोगों को भी प्रेरित करें उसे इलाज कराने में। तो ऐसे किसी गरीब का इलाज करवा देंगे, इसकी चिकित्सा करवा देंगे तो अपनी चिकित्सा से बच जाएंगे।

जहां अपनी चिकित्सा पर आपको ज्यादा खर्च करना पड़ता और दूसरे की चिकित्सा पर कुछ थोड़ा ही खर्च करके आप बच जाएंगे। फ्री विल का इस्तेमाल करें। दूसरा यह मेडिटेशन का भाव है।

मेडिटेशन करें, ध्यान करें। धर्म मंत्रों का जप करें। इससे आपको लाभ हो जाएगा और खर्चे आपके सकारात्मक तरीके से खर्च हो जाएंगे।

आपका लाभ होता हुआ चला जाएगा विदेश से विशेष लाभ मिलता हुआ दिख रहा है कर्क राशि के ऐसे जातक जो विदेश जाने की इच्छुक हैं, उनके लिए बहुत अच्छा योग बनेगा।

कब से 14 मई के बाद से। 14-15 मई की रात में जैसे ही देव गुरु बृहस्पति मिथुन राशि में आएंगे, आपके लिए विदेश से जुड़ने का अवसर प्राप्त होगा। विदेश जाने का अवसर प्राप्त होगा।

विदेश में पहले से रह रहे हैं तो लाभ के अवसर ज्यादा हो जाएंगे। जो लोग विदेश जाने की इच्छुक हैं, इसके बाद आप प्रयास करिएगा, विदेश आप चले जाएंगे।

आपके कुंडली में भी विदेश जाने के योग होंगे, तभी यह कालखंड में लाभ आपको मिल पाएगा। अब कुंडली में विदेश जाने के योग ही नहीं हैं तो आप विदेश कहां जा पाएंगे?

देव गुरु बृहस्पति यहां पर मिथुन राशि पर जाकर के विशेष लाभ देंगे। अब यहां पर दृष्टि की बात समझ ले। देव गुरु बृहस्पति की पांचवी दृष्टि आपके चतुर्थ स्थान पर पड़ेगी।

फलता अब देव गुरु बृहस्पति जहां बैठते हैं उसका विस्तार करते, जहां देखते हैं वहां विस्तार करते हैं, वहां पवित्रता का संचार करते हैं।

तो आपके चतुर्थ स्थान पर जब दृष्टि पड़ेगी तो आपकी माता सामाजिक मान प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मान सम्मान समाज में बढ़ने वाला है। भूमि भवन वाहन के सुख का विस्तार होगा।

भूमि ले सकते हैं, जमीन में अपने प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं। इमूवेबल प्रॉपर्टी में निवेश कर सकते हैं। वाहन ले सकते हैं।

आप वाहन का सुख बढ़ने वाला है। मकान का सुख बढ़ने वाला है। परिवर्तन भी करवा सकते हैं मकान का, रहने का स्थान का परिवर्तन करा देंगे।

अच्छी जगह ले जा सकते हैं। तो यहां से पांचवी दृष्टि से आपको लाभ। माता के स्वास्थ्य में कोई समस्या थी तो वहां से भी लाभ दिलाते हुए दिख रहे हैं।

गुरु की सातवी दृष्टि की चर्चा हो चुकी है। जहां शनि और गुरु दोनों की दृष्टि यहां पर पड़ रही है तो छठे का विशेष लाभ प्राप्त होगा।

गुरु की दृष्टि अष्टम पड़ रही है। अष्टम जब पड़ेगी तो अष्टम के भाव को फलस करेगी। और यहां पर राहु बैठे रहेंगे, तो यहां पर राहु और गुरु की दृष्टि आपस में मिलने वाली है।

नवम पंचम योग बनेगा। यहां पर राहु और गुरु के साथ तो फलतः ये नवम पंचम तो लाभकारी हो जाता है। अब देव गुरु बृहस्पति यहां विपरीत राजयोग बना कर के भी बैठेंगे।

तो एक चीज ध्यान रखें कि लाभकारी संबंध का जब लाभ लेंगे तो थोड़ा सा उसके साथ कंटिनेस हो जाएगा राहु का।

राहु का जब कंटम होगा तो वहां पर धोखा छल प्रपंच से बचिए। एक्सीडेंट से बचिए। राहु 18 मई को यहां पर जब आएंगे तो आपको एक्सीडेंट भी करवा सकते हैं।

वाहन आज बहुत सावधानी से आप चलाएगा। ये विस्तार वादी दोनों ग्रह हैं। आपस में दृष्टि बढ़ेगी। तो यदि कैंसर के आपके पहले से पेशेंट हैं, तो आपको सावधान रहना चाहिए।

यह समस्या कारक हो सकता है। क्योंकि राहु जब अष्टम में आएगा, द्वादश बैठे गुरु के साथ संयुक्त होगा, तो फिर थोड़ी सी हेल्थ संबंधी समस्याएं बढ़ा सकता है।

हम राहु पर आते हैं तो और इस पर विस्तार से चर्चा करते हैं। अभी थोड़ा गुरु की अतिचार गति के बारे में समझ ले। गुरु यहां पर 18 अक्टूबर तक रहेंगे।

14 मई से प्रवेश करेंगे। 18 अक्टूबर। 18 चकि फास्ट मूवमेंट कर रहे हैं, तो रहना तो चाहिए। तो एक वर्ष तक इनका। लेकिन फास्ट मूवमेंट कर रहे हैं।

तो 18 अक्टूबर को ये स्थान परिवर्तित करके आ जाएंगे आपके लग्न पे। उच्च के हो जाएंगे और हंस पंच महापुरुष राजयोग बना देंगे।

इसका मतलब है, जैसे केंद्र में आएंगे, हंस पंच महापुरुष राजयोग बनाएंगे। उच्च के होंगे। बड़े श्रेष्ठ परिणाम आपको प्राप्त होंगे।

लेकिन ध्यान रहे यह केवल 50 दिन तक आपको प्राप्त होगा। क्योंकि 5 दिसंबर को पुनः वक्र गति करते हुए मिथुन राशि पर चले जाएंगे।

लेकिन 50 दिन के लिए सही जबरदस्त राहत देंगे। जबरदस्त लाभ आपके लिए कराते हुए दिख रहे हैं। इस 50 दिनों में आपका विवाह हो सकता है।

वैवाहिक कर्क राशि के जातक, ऐसे जातक जो विवाह जिनका नहीं हुआ, विवाह होने की संभावना बढ़ जाएगी। जिनको संतान प्राप्ति की इच्छा है, उनको संतान प्राप्ति कराते हुए यहां पर दिख रहे हैं।

कर्क राशि के जातकों को। और भाग्य फ्लोरिश हो जाएगा। भाग्य का धर्म का सब का लाभ मिलेगा। पिता के संबंधित जीवन में बहुत विशेष लाभ होगा।

व्यापार व्यवसाय का खूब जबरदस्त विस्तार कराएंगे। प्रेम जीवन में अच्छाई आएगी। प्रेम जीवन और प्रगड़ होगा। आपस में दांपत्य जीवन प्रगड़ होगा।

दांपत्य जीवन में एक दूसरे को समझेंगे। साझेदारी के व्यापार व्यवसाय में जबरदस्त लाभ कराएंगे। शिक्षा के क्षेत्र में आपको विशेष लाभ हो सकता है जो लोग विद्यार्थी हैं।

और संतान के जीवन में भी विशेष लाभ होगा। 5 दिसंबर को जैसे ही मूवमेंट करके पुनः द्वादश जाएंगे, खर्चे फिर बढ़ जाएंगे।

तो उसके लिए जो उपाय बताया फ्री विल के इस्तेमाल करते हुए। क्योंकि यहां पर जो 2 जून तक रहने वाले हैं, 2 जून 2026 तक आपके द्वादश स्थान पर रहेंगे।

केवल 50 दिन के लिए वो इसमें आएंगे। 2 जून के बाद तो फिर बहुत अच्छे परिणाम यहां पर आते हुए दिख रहे हैं। खर्चे बहुत होंगे। खर्चों पर नियंत्रण करना आपके लिए आवश्यक है।

आपको सावधानी बता दूं कि 2025 और 26 दो वर्ष बहुत ही भयावह होने वाले हैं। भविष्य मालिका का वह कथन अब स सिद्ध होने जा रहा है।

उस समय और टाइम पीरियड आ गया है। बहुत सारे ऋषियों ने संतों ने भविष्यवाणियां के इन दो वर्षों पर पूरे वैश्विक स्तर पर ये समस्याएं छाने वाली हैं।

जैसे कोरोना के समय छाई हुई थी, पूरा विश्व इसके चपेट में आया था। अब 2025 को यदि आप जोड़े तो टू और फ को जोड़ेंगे तो नाइन आएगा।

नौ न्यूमोल जीी के आधार पर नौ मंगल का अंक है। मंगल क्या है? युद्ध है। मंगल युद्ध उन्माद है, अहंकार है, लड़ाई झगड़ वाद विवाद है।

अगर अंतिम दो अंकों को जोड़े पांच और दो को 2025 के तो वहां पर सात आ रहा है। और सात अंक केतु प्रतिनिधित्व करता है।

केतु कुजो भवे शास्त्रों में कहा गया कुज अर्थात मंगल की तरह परिणाम देता है। तो यहां पर डबल मंगल हो गया। भयावह है।

राष्ट्रों में विभिन्न राष्ट्रों के मध्य उद्यो माद की स्थिति पैदा होगी। और आप भी बच नहीं सकते। हम आप भी उससे प्रभावित होंगे। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित हो सकते हैं।

आर्थिक मंदी यहां पर आने की संभावना पूरी प्रबल हो रही है। तो इसलिए खर्चों पर नियंत्रण रखिए मेरे भाई बहनों। इस बात को नोट कर लीजिए।

आपकी दो ही चीजें मदद करने वाली हैं। एक है धर्म और दूसरा है धन। धन को बचाइए धर्म को बढ़ाइए। धन को भी बढ़ाइए, बचा करके कमा करके बढ़ा लीजिए।

और धर्म वही रक्षा करेगा। धर्मों रक्ष रक्षता। अपनी भजन बढ़ाए। अपनी पूजा बढ़ाइए। अपनी उपासना बढ़ाइए। भगवान की भक्ति बढ़ाइए।

भगवान से जुड़िए। वहीं से आपको लाभ होगा। अन्यथा परेशानिया आना तय है। और सबको आएगी। सबको अपने एक साथ चपेट में लेगी।

ना केवल कर्क राशि के जातकों को, क्षमा करिएगा, बल्कि सभी को। हर व्यक्ति इसके चपेट में आने वाला है। अलर्ट करिए स्वयं को।

परिवार को, रिश्तेदार को, फ्रेंड्स को सबको अलर्ट कर दीजिए। सावधान हो जाइए। भगवान की शरण में आइए। धन को बचाइए। यही दोनों आपके काम आएंगे।

इसलिए इसको बताना मैं आवश्यक समझता हूं कि आने वाले समय ऐसी घटनाएं घट 18 मई वो तिथि होगी, जब राहु और केतु अपना स्थान परिवर्तित करेंगे।

राहु शनि के घर पर आ जाएंगे, अष्टम स्थान पर। और यह राहु की मूल त्रिकोण राशि, शनि की मूल त्रिकोण राशि तो है ही, राहु की भी मूल त्रिकोण राशि है।

मूल त्रिकोण राशि पर आएंगे, अष्टम भाव को फलस करेंगे। आपको आकस्मिक लाभ की योजना, आकस्मिक लाभ की संभावना को बनाएंगे।

शेयर मार्केट आज से लाभ बढ़ा देंगे। लेकिन थोड़ा सा एक्सीडेंट का योग भी बनाते हुए देख रहे हैं। केतु आपके धन स्थान पर जाएंगे।

धन केतु। जब राहु या केतु धन स्थान पर बैठते हैं तो घड़े में छेद हो जाता है ऐसा कहते हैं शास्त्रों में। धन का अपव्यय होने लगता है।

तो धन का अपव्यय कर ना हो। उसको निवेश करें, उसको इकट्ठा करें। ऐसी जगह डाल दें, जिसको आप निकाले नहीं।

अपने जीवन साथी की भी मदद ले उसमें, उससे भी लाभ आपको होगा। तो अपने आपको धन धन को बचाना है हर हाल में।

राहु यहां पर आकस्मिक लाभ के योग तो बना रहा है। लेकिन थोड़ा सा आपको अपनी तरफ से भी अलर्ट रहने की जरूरत है। कहीं पैसा लगा रहे हैं, निवेश कर रहे हैं, चीजों को पहले से ठीक से जांच पर रख ले।

तब आपको वहां से लाभ होगा। आकस्मिक लाभ के तो योग हैं। शेयर मार्केट, जुआ, सट्टा, लॉटरी यहां से लाभ होते हुए दिख रहे हैं।

आपको माइंस के कार्यों से लाभ होते हुए दिख रहे हैं। कुछ अल्ट के क्षेत्र में आपको लाभ हो सकता है। साधना आदि के मार्ग में ये अष्टम का राहु लाभ आपको दे सकता है।

गुप्त जो लोग रिसर्च के फील्ड से जुड़े हुए हैं, जो साइंटिस्ट हैं, उन सबके लिए यह राहु बहुत फायदेमंद है। कुल मिलाकर के कर्क राशि के जातकों के लिए 2025 काफी उपलब्धियों भरा होने वाला है।

लेकिन सावधानिया जहां बरतने को कही गई, वहां सावधानी बरती है। क्योंकि जरा सी सावधानी हटेगी, दुर्घटना घट जाएगी।

यह मैं डरा नहीं रहा हूं आपको। आगाह कर रहा हूं, आपको अलर्ट कर रहा हूं ताकि किसी भी आने वाली परेशानी से आप स्वयं को बचा सके। उपाय के तौर पर सबसे पहले तो विष्णु सहस नाम का पाठ सबके सारे लोगों को।

विष्णु सहस नाम का पाठ तीन बार कम से कम करना चाहिए। ना तीन बार कर सके तो सुबह साम आप करिए। दूसरा नारायण कवच का श्रीमद् भागवत पुराण के छठे स्कं के आठवें अध्याय को उसमें नारायण कवच कहा गया उसका पाठ हर व्यक्ति करे।

स्वयं भी करिए लोगों को भी प्रेरित करिए। उसको पाठ करने का चार पांच मिनट का पाठ है। वीडियो मिल जाएगा उसके साथ पाठ करेंगे। आसानी से आपका हो जाएगा न्यास।

थोड़ा सा उसमें कठिन है। न्यास करना सीख लेंगे। दो-तीन दिन में सीख जाएंगे। तो नारायण कवच का पाठ करें। मान लीजिए नारायण कवच आपके लिए कठिन है तो राम रक्षा कवच का पाठ करिए।

हनुमान जी की उपासना करिए। क्योंकि मंगल का वर्ष है। तो हनुमान जी की उपासना, कार्तिकेय स्वामी की उपासना करें। नित्य मंदिर जाएं। हनुमान चालीसा का खूब पाठ करें।

सुंदरकांड का पाठ करें। कथाओं से स्वयं को जोड़े। भगवत कथाओं से जोड़े। सत्संग करें। ऋषि मुनियों जो संत कोट के लोग हैं, उनकी बातों को सुने। उनकी बातों को अमल में लाएं।

ये सब चीजें आपको 2025 में आने वाली जो बुरी घटनाएं हैं उनसे आपको बचाएंगे। और आपको उपलब्धियों को बढ़ाएंगे। आपको जीवन में अच्छाइयों को बढ़ाएंगे। आपकी उन्नति कराएंगे।

वीडियो को यही विराम देंगे। आपको नौ वर्ष की बहुत-बहुत मंगल कामनाएं। श्री राम लीला सरकार और हमारी हनुमान जी महाराज आप पर निरंतर आप पर आपके परिवार पर कृपा बनाए रखें।

कुछ भी अमंगल ना होने पाए। चारों तरफ मंगलमय वातावरण बना रहे। ऐसी भूरी भूरी प्रार्थना करते हुए वीडियो कहीं विरा दूगा।

वीडियो अच्छा लगा हो, आपके काम का लगा हो। मेरा बोलना, आपका सुनना दोनों सार्थक हुआ हो। तो कृपा करके वीडियो को लाइक करिएगा। अपनों के साथ शेयर करके पुण्य लाभ लीजिएगा।

और कमेंट में जाकर के भगवान का अत्यंत प्यारा नाम "जय सियाराम" लिखना बिल्कुल भी मत भूलिए। मेरा विशेष निवेदन, विशेष आग्रह आपसे हाथ जोड़ कर के।

चैनल पर नए हैं तो इसको सब्सक्राइब कर लीजिए। बेल आइकन की घंटी दबा लीजिए। और प्लीज अपना बहुत-बहुत ख्याल रखिए। अपनों का ख्याल रखिए। माता-पिता की खूब खूब सेवा करके उनका आशीर्वाद लीजिए। जय जय सियाराम।